मां कभी बलि की भुखी नहीं होती
अखंड ज्ञान आश्रम पर श्री मद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान
रतलाम मां कभी बलि की भूखी नहीं होती है माँ तो श्रद्धा भाव की भूखी होती है यदि किसी व्यक्ति को माँ को बलि देना है तो अपने बुरे कर्मों की बलि देना चाहिए यह बात सैलाना रोड स्थित श्री अखंड ज्ञान आश्रम पर श्री स्वामी स्वरूपानंद महाराज के द्वितीय निर्वाण दिवस के अवसर पर चल रही श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के दौरान व्यास पीठ से स्वामी देव स्वरूपानंद महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहीं उन्होंने कहा कि किसी भी महापुरुष की पहचान शब्दों से होती है अगर आपको शब्द की पहचान करना आता हे तो आप उन्हें पहचान जाएंगे अन्यथा आप उन महापुरुष को नहीं पहचान पाएंगे । उन्होंने कहा कि मनुष्य के मन में 11 तरह की वृत्तियां होती है जिनमें पांच कर्म इंद्रियां, पांच ज्ञानेंद्रिय तथा एक मन/ अहंकार वृति होती है। वृतियो की की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पतंगा अग्नि में मर जाता है, हाथी स्पर्श में मर जाता है, भंवरा गंध में मर जाता है, मछली रस में मारी जाती है इसी प्रकार मनुष्य का मन व शरीर की वृतियो से मारा जाता है । उन्होंने कहा कि आत्मज्ञानी संत भूतल पर साक्षात् नारायण स्वरूप होते हैं जिन्हें आत्म साक्षात्कार हो जाता है वह नारायण हो जाते हैं ,उन्होंने कहा कि राग द्वेष यदि व्यक्ति के अंतकरण में है तो परमात्मा का चिंतन नहीं हो सकता राग आसक्ति से व द्वेष क्रोध से बांध देता है, इस अवसर पर भजन गायक लोकेश पुरोहित, मनोहर माहेश्वरी व राजेंद्र व्यास ने भजन तू तो काली रे कल्याणी रे मां जोगमाया… ॐ जय अंबे जगदंबे मां तेरे दम पर है दुनिया तेरी महिमा कौन ना जाने ….सहित विभिन्न भजन प्रस्तुत किये जिन पर श्रद्धालु जमकर थिरके , उक्त जानकारी देते हुए राकेश पोरवाल ने बताया कि भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का वाचन करते हुए स्वामी देव स्वरूपानंद जी ने कहा कि जैसे ही प्रभु का धरती पर आगमन हुआ नभ, जल ,आकाश चारों ओर उल्लास छा गया तथा मंगल गान गुजने लगे देवताओं ने आकाश से पुष्प वर्षा की तथा नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारे लगने लगे इस अवसर भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया तथा भक्तजन जमकर थिरके ।कथा के प्रारंभ में मुख्य जजमान दिनेश राय व पदमा राय ने पोथी पूजन किया इस अवसर पर जगदीश दादा, मनोज बोराणा ,राजेंद्र पुरोहित, शांतिलाल जी, पवन राय, परेश पट्टानी, सौरभ दीक्षित ,अंशुल यादव, मनोहर सिंह, प्रेम सिंह सहित नागरिक मौजूद थे कथा के अंत में आरती कर प्रसादी वितरित की गई । कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक चल रही है अखंड ज्ञान आश्रम ट्रस्ट ने इस अवसर पर नागरिकों से धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है ।