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यह संसार गिरगिट स्वरूप है वह बदलता रहता है

भगवान के मन में कोई छल कपट नहीं

रतलाम भगवान भक्त की छोटी सी विनय स्वीकार कर लेते हैं क्योंकि भगवान के मन में कोई छल कपट नहीं है उनका मन निर्मल है किंतु यह संसार गिरगिट स्वरूप है वह बदलता रहता है इसलिए हमें भगवान में विश्वास रखना चाहिए यह बात श्री कालिका माता मंदिर परिसर सत्संग हॉल में गोयल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा महापुराण के दौरान तथा विदुषी अंजली जोशी बेटमा ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहीं उन्होंने कहा कि इस जगत में गुरु और शिष्य का संबंध ऐसा संबंध है जिसमें कभी कोई धोखा नहीं होता संसार के अन्य संबंधों में धोखा होता है उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा पद्धति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस शिक्षा पद्द्ती के कारण बच्चों का नेर्सगिक बचपन खत्म हो गया है उन पर पढ़ाई का इतना बोझ लाद दिया गया है कि नन्हे बच्चे अपना नैसर्गिक बचपन का जीवन नहीं जी का रहे हैं उन्होंने पालको से आग्रह किया कि बच्चों को उनका जीवन जीने दे। विदुषी अंजली जोशी ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वह अपने जीवन में दो नियम बना ले प्रतिदिन सुबह की शुरुआत 2 मिनट के प्रभु नाम स्मरण से करें तथा रात्रि में सोते समय फिर से भगवान के नाम स्मरण करें उन्हें अपने पूरे दिन की दिनचर्या सुनाएं तथा विश्राम के लिए जाए क्योंकि भगवान अपने भक्त की हर बात सुनते हैं तथा उसका सकारात्मक परिणाम देते हैं ,विदुषी जोशी ने कहा कि भगवान का मूल रूप एक ही है संसार में उन्होंने भक्तों के सामने विभिन्न स्वरूपों में अवतार लिए हैं जिसकी वजह से उनके अलग-अलग अवतारों की पूजा होती है उन्होंने कहा कि भगवान भक्त के प्रति अपना प्रेम अंत तक निभाते हैं। राकेश पोरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कथा के प्रारंभ में दिलीप गोयल, कुमुद गोयल, उमंग गोयल, श्री कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट उपाध्यक्ष मोहनलाल भट्ट, सचिव हरीश बिंदल आदि ने पोथी पूजन किया अंत में आरती कर प्रसादी वितरित की गई ।

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