देशमध्य प्रदेश

अब विद्यार्थियों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर

एम फार्मा की पढ़ाई रॉयल महाविद्यालय में

  • रॉयल महाविद्यालय में चालू सत्र में एम. फार्मा व बी.एससी.

नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रारम्भ होगा।

(रतलाम जिले में पहली बार एम. फार्मा पाठ्यक्रम का अध्यापन होगा)

रॉयल गुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, सालाखेड़ी, रतलाम के चेयरमेन श्री प्रमोद गुगालिया ने आज पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुये बताया कि, चालू सत्र 2025-26 से उनके फार्मेसी महाविद्यालय में एम. फार्मा पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है, जिसके संचालन के लिये फार्मेसी काउंसिल ऑफ इण्डिया, नई दिल्ली से अनुमति प्राप्त हो चुकी है, तथा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल से सम्बद्धता भी प्रदान की जा चुकी है।

श्री गुगालिया ने जानकारी दी कि, पूरे रतलाम जिले में रॉयल महाविद्यालय पहला व एकमात्र महाविद्यालय है, जिसमें अब एम. फार्मा का पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है।

श्री गुगालिया ने यह भी बताया कि, इसी सत्र 2025-26 से ही उनके नर्सिंग महाविद्यालय में चार वर्षीय बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रारम्भकिया जा रहा है, जिसके संचालन के लिये म.प्र. नर्सेस रजिस्ट्रेशन कौंसिल द्वारा नर्सिंग महाविद्यालय को अनुमति प्राप्त हो गयी है।

श्री गुगालिया ने बताया कि, 65 बीधा क्षेत्रफल में पिछले 29 सालों से उनकी संस्था के अंतर्गत संचालित् महाविद्यालयों में अब इस सत्र से 16 पाठ्यक्रमों का संचालन किया जावेगा, जिसमें एम. फार्मा, बी.फार्मा, डी. फार्मा, एम.बी.ए., बी.बी.ए., बी.सी.ए., बी.एड., डी.एड., बी.एससी.-बायोटेक, बी.एससी.-माइक्रोबायोलॉजी, बी.एससी. कम्प्यूटर साईस, बी. काम.-कम्प्यूटर एप्लीकेशन, बी. काम. प्लेन, बी.एससी. नर्सिंग, जी.एन.एम. व एन.टी.टी. आदि प्रमुख है, और वर्तमान में इन पाठ्यक्रमों में लगभग 2500 विद्यार्थीगण अध्ययनरत् है।
पत्रकार वार्ता में मंचासीन डायरेक्टर डॉ. उबेद अफज़ल ने बताया कि, विद्यार्थियों के अध्ययन के लिये रतलाम से बाहर के शहरों में पलायन को रोकने के लिये, संस्था हमेशा प्रयासरत् रही है। संस्था के अंतर्गत संचालित फार्मसी महाविद्यालय में बी. फार्मा पाठ्यक्रम का विगत् 15 वर्षों से अध्यापन करवाया जा रहा है, लेकिन एम. फार्मा पाठ्यक्रम का अध्यापन सम्पूर्ण रतलाम जिले में नहीं होने से, बी. फार्मा की डिग्री लेने के बाद, विद्यार्थियों को एम. फार्मा के अध्यापन के लिये इन्दौर, कोटा, भोपाल, बड़ोदा आदि शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन रॉयल महाविद्यालय में इसी शैक्षणिक सत्र से एम. फार्मा पाठ्यक्रम प्रारम्भ होने से, उन्हें एम. फार्मा पाठ्यक्रम के लिये रतलाम से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

डॉ. अफज़ल ने यह भी बताया कि, संस्था द्वारा एम. फार्मा पाठ्यक्रम के अध्ययन की फीस निर्धारण भी प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति (फीस रेग्युलेटरी बाडी) से करवा लिया गया है।    पत्रकार वार्ता में चेयरमेन श्री गुगालिया, डॉ. अफज़ल के साथ फार्मेसी संकाय के प्राचार्य डॉ. मनीष सोनी, प्रबंधन संकाय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, शिक्षा संकाय की प्राचार्या डॉ. आर. के. अरोरा, वाणिज्य संकाय के प्राचार्य डॉ. अमित शर्मा, नर्सिंग संकाय के प्राचार्य श्री जगदीश डुके, प्रशासक श्री प्रफुल्ल उपाध्याय, लाईफ साईंस के विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल एवं कम्प्यूटर साईंस की विभागाध्यक्ष प्रो. दीपिका कुमावत भी उपस्थित रहे।

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