
सुरेश मुलेवा पेटलावद
पेटलावद की ह्रदयस्थली पर वन विभाग ने रखी भ्रष्टाचार की नींव –
भवन निर्माण में की जा रही अनियमितता, वर्षो पुराने भवन की सामग्री नए भवन में की जा रही उपयोग –
वन विभाग रेंजर ओर डिप्टी रेंजर की भूमिका शंका के घेरे में, पुरानी ईटो से बनी दीवारे दे रही भ्रष्टाचार की गवाही –
लाखो रुपये का भवन चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट –
पेटलावद – वन विभाग के अधिकारियों द्वारा पेटलावद में अपने ही विभाग के भवन को पलीता लगाने का काम किया जा रहा है। शहर की हृदय स्थली माने जाने वाले सांई मंदिर क्षेत्र में वन विभाग द्वारा एक भवन का लाखों रुपए की लागत से निर्माण किया जा रहा है, जिस भवन में भारी अनियमितता देखने को मिल रही है। दरअसल वर्षों पहले वन विभाग द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों के रहने हेतु यहां एक भवन बनाया हुआ था, जिस भवन को जर्जर होने के कारण तोड़कर नया बनाया जा रहा है। बड़ी विडंबना यह है कि भवन तो नया बनाया जा रहा किन्तु नए भवन में उपयोग होने वाली सामग्री पुरानी लगाई जा रही है। वर्षो पुराने भवन को तोड़ने के बाद भवन से जो मिट्टी की ईंटें निकाली गई है। उन ईटों से ही नए भवन की दीवारें तैयार कर दी गई। नए भवन की दीवारें अधिकारियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की गवाही दे रही है। पूरे मामले में वन विभाग के रेंजर और डिप्टी रेंजर जिनकी निगरानी में भवन का निर्माण हो रहा है दोनों ही अधिकारियों की भूमिका शंका के घेरे में नजर आ रही है अधिकारियों के निर्देश और मार्गदर्शन में ही भवन का निर्माण हो रहा है। हजारों की संख्या में वर्षो पुरानी ईंटे भवन में लगा दी गई है। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई तो यह भी ज्ञात हुआ कि भवन का निर्माण तो किया जा रहा है किंतु समय पर निर्माण के दौरान दीवारों को पानी (तरी) नहीं दिया जा रहा है। जिससे दीवारें भी कमजोर प्रतीत हो रही है। कुल मिलाकर वन विभाग द्वारा बनाया जा रहा भवन गुणवत्ताहीन होकर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है।
मामले में जिला अधिकारियों को संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करना चाहिए। अन्यथा स्थानीय अधिकारी इसी तरह नियमों को ताख पर रखकर अपनी जेब गर्म करते रहेंगे और शासन के पैसों का दुरुपयोग होता रहेगा।
सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि वन विभाग में पदस्थ रेंजर एवं एक नाकेदार उर्फ डिप्टी रेंजर दोनों की जुगलबंदी इन दिनों जमकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। क्षेत्र में कोई भी काम हो दोनों मिलकर उसे अंजाम दे रहे हैं, कई फर्जी बिलों के भुगतान के मामले भी सामने आने वाले हैं। जल्द ही हम वन विभाग से जुड़े बड़े खुलासे करेंगे।



