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श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ

रतलाम श्रीमद् भागवत कथा महापुराण सुनने से व्यक्ति को भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की प्राप्ति होती है श्री का अर्थ लक्ष्मी, मद् का अर्थ आनंद, भा का अर्थ भक्ति, ग का अर्थ ज्ञान , व का अर्थ वैराग्य है यह बात कालिका माता मंदिर सभागृह में आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर कथा विदुषी अंजली जोशी (बेटमा) ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहीं उन्होंने कहा की जिस स्थान ( कालिका माता हॉल) पर उनके गुरु महामडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानंद सरस्वती जी ने कथा की है उसी स्थान पर आकर उनकी शिष्य कथा करें यह दुर्लभ अवसर होता है और यह दुर्लभ अवसर उन्हें मिला है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु दक्षीणा मांगते हुऎ यह कहा की आप अपने चित्त में ठाकुर जी को आसन दे यह उनकी गुरु दक्षीणा होगी उन्होंने कहा की पुरे विश्व में सबसे अधिक भक्ति श्री कृष्ण की होती है और यह आशीवार्द ठाकुर जी को साक्षत शिव ने दिया था उन्होंने कहा की श्रीमद भगवत कथा कल्पवृक्ष के समान है जिसके सुनने से व्यक्ति के सभी मनोकामनाएं पुरी होती है जीवन के कष्ट दुर होते हैं तथा भगवान की प्राप्ति व दर्शन होते हैं। राकेश पोरवाल ने बताया कि कथा प्रारंभ होने से पहले मुख्य जजमान दिलीप गोयल के निवास मित्र निवास कॉलोनी से पोथी व कलश यात्रा निकाली गई। कथा के प्रारंभ में गोयल परिवार के दिलीप गोयल, गंगा देवी गोयल, कुमुद गोयल, उमंग गोयल ,श्री कलिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मोहनलाल भट्ट सचिव हरिश बिंदल सदस्य विश्वजीत टंडन आदि ने पोथी पूजन तथा विदुषी अंजली जोशी का स्वागत किया कथा के अंत में आरती कर प्रसादी वितारित की गई। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक होगी गोयल परिवार ने नगरीकों से इस अवसर पर धर्म लाभ लेने का अनुरोध किया है

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