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बच्चों की सुरक्षा के लिए बस स्टॉफ को जानकारी दी गई

यातायात डी एस पी सोनी ने दी

रतलाम स्कूली बसों में आपातकालीन स्थिति से निपटने के संसाधन प्राथमिक चिकित्सा किट और आग बुझाने का यंत्र आवश्यक रूप से रहना चाहिए तथा इनका उपयोग करना बस में मौजूद स्टाफ को आना चाहिए यह बात स्कूली शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पूर्व बच्चों के सुरक्षा के लिए बस स्टाफ को विभिन्न जानकारी देते हुए यातायात डीएसपी आनंद सोनी ने अरविंद मार्ग स्थित श्री गुरु तेग बहादुर एकैडमी के बस स्टाफ से कहीं उन्होंने बताया कि जो बस विद्यार्थियों को आवाजाही में लगी है उनका रंग पीला होना चाहिए तथा उसके आगे व पीछे स्कूल बस या ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा जाना आवश्यक है, स्कूली बसों में स्टाफ के अतिरिक्त बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है स्कूल बस चल रहे स्टाफ के पास स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस तथा भारी वाहन चलाने का कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए ।स्कूली बसों में बच्चों के बेग को रखने के लिए सीट के नीचे पर्याप्त जगह होना चाहिए तथा वहां की खिड़कियों पर क्षैतिज ग्रिल फिट होना चाहिए उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूली बस 12 वर्ष से अधिक की पुरानी नहीं होना चाहिए स्कूल मैनेजमेंट सीनियर स्टाफ को व्हीकल इंचार्ज नियुक्त करना चाहिए तथा सभी स्कूली बसों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम व सीसीटीवी चालु अवस्था में होना अनिवार्य है, बस ड्राइवर व कंडक्टर का मेडिकल चेकअप तथा चरित्र सत्यापन आवश्यक है। सोनी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सहायता के लिए फोन न 1033 तथा शहर में सहायता के लिए फोन न 108 लगाना चाहिए। इस अवसर पर श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह प्राचार्य डॉ रेखा शास्त्री बस सुपरवाइजर सुरेश जाजोरिया सहित बस स्टाफ मौजूद था।

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