
रतलाम सैलाना प्रशासन की पोल खोलती हुई तस्वीर सामने आई है। यहां सरकारी आदिवासी हॉस्टल में बदइंतजामी में से परेशान छात्रों ने जिम्मेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। परेशान छात्रों ने पैदल ही मार्च निकालकर रतलाम कलेक्टर से मिलने १६ किलोमीटर पैदल निकल पड़े। रास्ते में अधिकारियों ने बार-बार समझाया लेकिन छात्र टस से मस नहीं हुए । और रतलाम सीमा में पहुंचकर ही दम लिया। बच्चों के पैदल मार्च की खबर सुनकर रतलाम कलेक्टर भी घबरा गए और वह जिला पंचायत सीईओ के साथ मिलकर दौड़े दौड़े इन बच्चों से मिलने पहुंचे । और डेलनपुर गांव के पास पहुंचकर रोड के बगल में ही जाजम लगा लिया करीब आधा घंटा तक कलेक्टर ने बच्चों की सारी परेशानियां सुनी। भोजन से लेकर ड्रेस और खस्ता हाल बाथरूम से लेकर भ्रष्टाचार तक की शिकायत बच्चों ने रतलाम कलेक्टर से की जिसके बाद कलेक्टर ने जल्द ही सभी समस्याओं का निराकरण करने का आदेश दिया जिस पर यह बच्चे मान गए । प्रशासन की किरकरी को देखते हुए कलेक्टर ने बस से छात्रों को वापस पहुंचाया आखिर क्यों बच्चों को पैदल रतलाम तक आना पड़ा बताते है कि इसके पहले भी सैलाना के एकलव्य छात्रावास में बदहाली की खबरें सामने आती रही है , लेकिन आदिवासी विभाग के जिम्मेदार कान में तेल डालकर बैठे हैं मानो कुछ हुआ ही नहीं। सोए प्रशासन को जगाने के लिए छात्रों को पैदल रतलाम तक निकलना पड़ा । आगे आगे छात्र चल रहे थे और पीछे प्रशासन के अधिकारियों की गाड़ियां दौड़ रही थी , लेकिन छात्र नहीं माने और कलेक्टर को जगाकर ही दम लिया।

